शिवलिंग की पूजा कैसे करें: शिवलिंग की पूजा करने की विधि।

क्या आप को पता की शिवलिंग की पूजा कैसे करें? भगवन शिव का आर्शीवाद पाने के लिए ये जरूरी है हमे शिवलिंग की पूजा करने की विधि का ज्ञान हो। शिव भक्तों को को सही तरीके से शिवलिंग की पूजा करनी चाहिए नहीं तो भगवान शिव रुष्ट हो जायेगे। इस में शिवलिंग की पूजा कैसे करें के बारे में विस्तार से बताया गया है।

हिन्दू धर्म में निरंकारी रूपी शिवलिंग की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। वेद एवं पुराणों में ऐसा बताया गया है कि, भगवान् शंकर में ब्रह्मांड की समस्त शक्तियां विराजित है। सनातन धर्म में प्रत्येक देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना भिन्न -भिन्न तरीकों से की जाती है। वेद-पुराणों में शिवलिंग की पूजा कैसे करें के बारे में कुछ महत्वपूर्ण नियम बताये गए है।

ऐसा कहा जाता है कि, इन नियमों का पालन करते हुए शिवलिंग की पूजा करने से शिव भगवान् अति शीघ्र प्रसन्न होते हैं। और भक्तों की मनोकामना पूर्ण करते हैं। भगवान् शिव निराकार एवं आजन्म हैं। निराकार में साकार एवं साकार में निराकार का दर्शन शिव में ही होता है। शिवलिंग की पूजा सच्ची श्रद्धा भक्ति एवं सहज भाव के साथ करनी चाहिए। आइये जाने शिव लिंग की पूजा करते वक़्त किन-किन बातों का ख्याल रखना चाहिए, एवं क्या-क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।

शिवलिंग की पूजा कैसे करें, रखें इन बातों का ख्याल

  • यदि शिवलिंग घर में स्थापित करना है, तो पारद का शिवलिंग घर के पूजा स्थल पर रखकर उसके नीचे अर्ध बनाएं। एवं रोजाना शिवलिंग पर जलाभिषेक करें।
  • पूजा स्थल पर शिवलिंग ईशान दिशा की तरफ स्थापित करना चाहिए। ईशान दिशा उत्तर पूर्व दिशा को कहते हैं।
  • जल अपने घर का ही प्रयोग करें। यदि किसी पवित्र नदी के तट पर शिवलिंग मंदिर स्थापित है, तो उस नदी का जलकर शिवलिंग पर अर्पित करें।
  • सबसे पहले शिवलिंग पर स्वच्छ, शुद्ध जल अर्पित करें। उसमें अक्षत या फूल आदि न मिलाएं। जल को ॐ नमः शिवाय का निरंतर जप करते हुए शिवलिंग पर धीरे-धीरे अर्पित करें।
  • दूध, शहद भी अर्पित करें, व् धुप दीप जलाएं।
  • अपने घर में एक स्वच्छ एवं शुद्ध पात्र रखें। जिसमें विशेषकर अनेक नदियों जैसे-गंगा, यमुना, सरयू, घाघरा गोमती आदि पवित्र नदियों का जल मिश्रित रखें। व् इस जल को रोजाना प्रातः काल स्नान आदि नित्य कर्म से निर्मित होकर शिवलिंग पर अर्पित करें।
  • शिव मंदिर में शिव परिवार का चित्र अथवा मूर्ति जरूर रखें। इससे परिवार में सुख-शांति, धन-ऐश्वर्य का आगमन होता है।
  • मोक्ष व् शिवधाम की प्राप्ति के लिए, पवित्र नदियों के जल से व् गाय के कच्चे दूध से शिवलिंग का रुद्राभिषेक करें। एवं निरंतर “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप करते रहें। शिव चालीसा का पाठ भी करे।
  • यदि आप व्याधि से पीड़ित हैं, तो कुश एवं गंगाजल जिसे कुशोदक कहते हैं, उसी से शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हुए सोमवार के दिन शिवलिंग का रुद्राभिषेक कराएं।

इस पोस्ट में हम ने विस्तार से बताया की शिवलिंग की पूजा कैसे करें? भगवान् शिव को प्रसन्न करने व् शिवलिंग की पूजा-अर्चना करने के ये बहुत आसान तरीके हैं। इन तरीकों का प्रयोग घर में भी किया जा सकता है। महादेव को श्रीराम कथा अत्यंत प्रिय है। घर में पूजा स्थल पर शिवलिंग व् शिव परिवार के समक्ष “श्री राम चरित मानस” का पाठ करें। जब सम्पूर्ण पाठ हो जाए, तो हवन कराकर कुछ लोगों को भोजन कराएं।

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